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Dua e qunoot in Hindi

दुआ ए क़ुनूत इस्लाम में एक विशेष प्रार्थना है, जो वित्र नमाज़ में पढ़ी जाती है। यह दुआ अल्लाह से मार्गदर्शन, रहमत और मुश्किलों से सुरक्षा मांगने का तरीका है। नबी ﷺ ने फरमाया: “वित्र की नमाज़ में क़ुनूत पढ़ो, क्योंकि यह अल्लाह की رضا पाने का माध्यम है” (अब्दुल्लाह अबू दाउद)। इसमें इंसान अपने पापों की माफी, नेक कामों में वृद्धि और कठिन हालात में स्थिरता के लिए अल्लाह से प्रार्थना करता है। पढ़ने से मन को शांति और आत्मविश्वास मिलता है।

दुआ ए क़ुनूत वित्र नमाज़ में पढ़ी जाने वाली विशेष प्रार्थना है। पूरी जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें

Dua-e-Qunoot || Shafi‘i Fiqh

हिंदी पाठ:
अल्लाहुम्मा अह्दिनी फीमन्न हदैत व् आआफिनी फीमन्न आआफैत व् तवल्लनी फीमन्न तवल्लैत व् बारिक ली फीमा आआतैत व् क़िनी शर्र मَا क़दैत इन्नक्का तक़दी व् ला युक़्दा अलैका इन्नहु ला यज़िल्लु मन्न वल्लैता व् ला यअज्ज़ु मन्न आदैता तबारकत रब्बना व् तआलैता

हिंदी अनुवाद:
“हे अल्लाह! मुझे उन्हीं में से मार्गदर्शन दे जिनको तूने मार्गदर्शन दिया, मुझे उन्हीं में से सुरक्षा दे जिनको तूने सुरक्षित किया। मेरी रक्षा कर उन लोगों से जिनकी तूने रक्षा की, और मुझे आशीर्वाद दे जो तूने दिया। मुझे तूने जो तय किया है उसके बुराई से बचा। तू ही न्याय करता है और तुझ पर कोई न्याय नहीं होता। वह कभी नीचा नहीं होता जिसे तू अपना बना लेता है और ऊँचा नहीं होता जिसे तू दुश्मन बना लेता है। हे हमारे रब! तू ही सब कुछ है और सब पर श्रेष्ठ है।”

Dua-e-Qunoot || Hanafi

हिंदी पाठ:
अल्लाहुम्मा फीमन्न हदैत व् आआफिनी फीमन्न आआफैत व् तवल्लनी फीमन्न तवल्लैत व् बारिक ली फीमा आआतैत व् क़िनी शर्र मَا क़दैत इन्नक्का तक़दी व् ला युक़्दा अलैका इन्नहु ला यज़िल्लु मन्न वल्लैता व् ला यअज्ज़ु मन्न आदैता तबारकत रब्बना व् तआलैता

हिंदी अनुवाद:
“हे अल्लाह! मुझे उन्हीं में से मार्गदर्शन दे जिनको तूने मार्गदर्शन दिया, मुझे उन्हीं में से सुरक्षा दे जिनको तूने सुरक्षित किया। मेरी रक्षा कर उन लोगों से जिनकी तूने रक्षा की, और मुझे आशीर्वाद दे जो तूने दिया। मुझे तूने जो तय किया है उसके बुराई से बचा। तू ही न्याय करता है और तुझ पर कोई न्याय नहीं होता। वह कभी नीचा नहीं होता जिसे तू अपना बना लेता है और ऊँचा नहीं होता जिसे तू दुश्मन बना लेता है। हे हमारे रब! तू ही सब कुछ है और सब पर श्रेष्ठ है।”

Importance of Dua-e-Qunoot in Witr Prayer

दुआ ए क़ुनूत वित्र की नमाज़ में इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह नमाज़ का आखिरी हिस्सा है जिसमें इंसान सीधे अल्लाह से अपनी कमजोरी, जरूरत और पापों की माफी मांगता है। वित्र की यह दुआ:

सार में, Dua-e-Qunoot वित्र की नमाज़ को आध्यात्मिक रूप से पूरी करता है और अल्लाह से सीधे जुड़ने का एक अनमोल अवसर देता है।

Best Practice to Perform Dua-e-Qunoot in Witr Prayer

दुआ ए क़ुनूत वित्र की नमाज़ में पढ़ने की सबसे अच्छी प्रैक्टिस इस प्रकार है:

सार:
दुआ ए क़ुनूत पढ़ने का उद्देश्य अपने पापों की माफी, नेक कामों में वृद्धि, और कठिनाइयों में अल्लाह से सहायता मांगना है। सही तरीका और ध्यान से पढ़ने से यह दुआ वित्र की नमाज़ को आध्यात्मिक रूप से पूर्ण बनाती है।